
मेषः- चू, चे, चो, ला, ली, लू, लो, अ
भोजन व्यवस्था मे बेहतरी के साथ सुधार होगा। निर्णय क्षमता मे निश्चय और अनिश्चय का वातावरण निर्मित होगा। सप्ताह भर तरल पदार्थों का अधिकाधिक सेवन बड़ेगा। सौन्दर्य प्रसाधन से जुड़े हुये व्यापारिक मामलो मे आपेक्षित सफलता प्राप्त होगी। कठिनाइयों के साथ आय और व्यय मे नियन्त्रण स्थापित रहेगा। भागदौड़ के अतिरिक्त प्रसंग एकत्रित होंगे। तारीख 21, 22 प्रगति सूचक है।
वृषः- ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो
विरोधियों के साथ भी मैत्रीपूर्ण सम्बन्ध स्थापित करने की जिज्ञासा मन से बाहर आयेगी। जीविकोपार्जन सम्बन्धी समस्याओं का समाधान धीरे-धीरे होता प्रतीत होगा। साहसिक निर्णय लेने की प्रवृत्तियों में वृद्धि होगी। भूमि भवन आदि से जुड़े हुये कार्य नाऊम्मीद की दिशा की ओर अग्रसर रहेंगे। शिक्षा प्रतियोगिता की दिशा मे किये जा रहे प्रयास सार्थक मार्ग की ओर अग्रसर रहेंगे। हास-परिहास, मनोरंजन आदि के क्षेत्र मे प्रगतिशील स्थितियां निर्मित होंगी। तारीख 23, 24 शुभकारक प्रतीत होगी।
मिथुनः- का, की, कू, के, को, हो, घ, ङ, छ
पठन-पाठन कार्यों मे आपेक्षित सफलता प्राप्त होगी। जीवन संगिनी के साथ मधुरतम पलों का बेहतरीन सदुपयोग होगा। सप्ताह की शुरुवात मे व्यवसायिक कार्यक्रम तेजी के साथ प्रगतिशील रहेंगे। धनोपार्जन के मार्ग भी प्रसस्त होंगे। सप्ताह के अंत मे किसी प्राचीन मित्र से मुलाकात का हर्ष रहेगा। राज्य प्रसासनिक अधिकारियों के प्रति आपका मानसिक असंतोष चरम सीमा रेखा पार करेगा। निर्णय सोच-समझकर लेना ही हितकर रहेगा। तारीख 20, 21 बेहतरी का अहसास कराने वाली होगी।
कर्क:- ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो
एकत्रित हो रहे यात्रा प्रकरण सार्थक परिणाम की ओर अग्रसर होंगे। पुत्र-पुत्री अभिभावक आदि की जरुरतों के प्रति बेहद संवेदनशील रहेंगे। विपक्षियों के साथ भी आपका शिष्टाचार भरा व्यवहार विपक्षियों को भी सोचने के लिये विवश करेगा। पीठ दर्द, कमर दर्द, रक्तचाप आदि से शारीरिक एवं मानसिक कष्टों की अनुभूति होगी। अनायास अप्रिय वचन बोलने की प्रवृत्तियों पर लगाम लगाये रखना हितकर रहेगा। धन लाभ से जुड़ी कार्य-योजनायें धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ेंगी। तारीख 21, 22 उत्तम सूचक है।
सिंहः- मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे
एकत्रित हो रहे यात्रा प्रकरण सार्थक परिणाम की ओर अग्रसर होंगे। पुत्र-पुत्री अभिभावक आदि की जरुरतों के प्रति बेहद संवेदनशील रहेंगे। विपक्षियों के साथ भी आपका शिष्टाचार भरा व्यवहार विपक्षियों को भी सोचने के लिये विवश करेगा। पीठ दर्द, कमर दर्द, रक्तचाप आदि से शारीरिक एवं मानसिक कष्टों की अनुभूति होगी। अनायास अप्रिय वचन बोलने की प्रवृत्तियों पर लगाम लगाये रखना हितकर रहेगा। धन लाभ से जुड़ी कार्य-योजनायें धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ेंगी। तारीख 21, 22 उत्तम सूचक है।
कन्याः- टो, पा, पी, पू, पे, पो, ष, ण, ठ
एकत्रित हो रहे यात्रा प्रकरण सार्थक परिणाम की ओर अग्रसर होंगे। पुत्र-पुत्री अभिभावक आदि की जरुरतों के प्रति बेहद संवेदनशील रहेंगे। विपक्षियों के साथ भी आपका शिष्टाचार भरा व्यवहार विपक्षियों को भी सोचने के लिये विवश करेगा। पीठ दर्द, कमर दर्द, रक्तचाप आदि से शारीरिक एवं मानसिक कष्टों की अनुभूति होगी। अनायास अप्रिय वचन बोलने की प्रवृत्तियों पर लगाम लगाये रखना हितकर रहेगा। धन लाभ से जुड़ी कार्य-योजनायें धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ेंगी। तारीख 21, 22 उत्तम सूचक है।
तुलाः- रा, री, रु, रे, रो, ता, ती, तू, ते
विलासिता पूर्ण कार्यों मे आपकी संलग्नता लगातार बड़ती प्रतीत होगी। महिला मित्र मण्डली से सहयोग प्राप्त करने मे सफल सिद्ध होंगे। उच्च शिक्षा के क्षेत्र मे आपके द्वारा किये जा रहे प्रयास सकारात्मक दिशा की ओर अग्रसर रहेंगे। लाभ और खर्च के मध्य सन्तुलन स्थापित करना चुनौतीपूर्ण कार्य सिद्ध होगा। घर ग्रहस्थी की गाड़ी सामान्य प्रक्रिया की तरह चलती-फिरती प्रतीत होगी। तरल पदार्थों से जुड़ी व्यवसायिक कार्ययोजनायें सफलता मार्ग की ओर अग्रसर होती सिद्ध होगी। तारीख 20, 21 बेहतर प्रतीत होगी।
वृश्चिकः- तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू
वाणी मे वाचालता की समाविष्टि के चलते कुटुम्ब के सदस्यों से वैचारिक मतभेद की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। वित्तीय व्यय भार की आय से अधिक बड़ता प्रतीत होगा। ईश्वर अराधना के मार्ग पर आपकी संलग्नता लगातार बड़ती रहेगी। राजनैतिक, कूटनैतिक व्यक्तियों से आपके बड़ते जनसंपर्कों से प्रगति मार्ग प्रसस्त होंगे। विलासिता पूर्ण सामग्री की खरीद-फरोख्त भी बड़ेगी। यात्रा प्रसंगों से कठिनाइयों` साथ आंशिक लाभ प्राप्त होगा। तारीख 20, 21 उत्तम सूचक है।
धनुः– ये, यो, भा, भी, भू, भे, ध, फ, ढ़
किसी गीत, संगीत, नृत्य आदि के समारोह मे आपकी भागीदारी प्रसंसा का वातावरण बनायेगी। पीठ दर्द, अनिद्रा आदि के शिकार लगातार बने रहेंगे। रोजी-रोटी की दिशा मे किये जा रहे प्रयास सार्थक सिद्ध होंगे। राज्याधिकारियों के साथ बेहतरीन तालमेल स्थापित करने मे सफलता प्राप्त होगी। ग्रहस्थ जीवन की तकरार मे भी कमी आती प्रतीत होगी। प्रापर्टी सम्बन्धी कार्यों मे विवादित भूमिका से अपने आपको अलग रखना हितकर रहेगा। तारीख 25, 26 उत्तम कारक होंगी।
मकरः- भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी
महिला मित्र मण्डली की सहयोगी भावना के चलते राजकीय कार्य सरलता के साथ सम्पनन होंगे। वाणी मे अनायास कठोरता का समावेश परिजनों से वैचारिक मतभेद की स्थिति के मार्ग प्रसस्त करेगी। पारिवारिक जीवन मे तीखी-मीठी नोंक-झोंक का वातावरण बना रहेगा। रक्तचाप से अपने आप को बचाये रखना उत्तम होगा। भूमि क्रय-विक्रय से जुड़े मामले सरलता के साथ सफलता की ओर अग्रसर रहेंगे। प्राविधिक शिक्षा के क्षेत्र मे प्रगतिशील स्थितियां आयेंगी। तारीख 21, 22 शुभप्रद अहसास करायेंगी।
कुम्भः- गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, द
महिला मित्र मण्डली की सहयोगी भावना के चलते राजकीय कार्य सरलता के साथ सम्पनन होंगे। वाणी मे अनायास कठोरता का समावेश परिजनों से वैचारिक मतभेद की स्थिति के मार्ग प्रसस्त करेगी। पारिवारिक जीवन मे तीखी-मीठी नोंक-झोंक का वातावरण बना रहेगा। रक्तचाप से अपने आप को बचाये रखना उत्तम होगा। भूमि क्रय-विक्रय से जुड़े मामले सरलता के साथ सफलता की ओर अग्रसर रहेंगे। प्राविधिक शिक्षा के क्षेत्र मे प्रगतिशील स्थितियां आयेंगी। तारीख 21, 22 शुभप्रद अहसास करायेंगी।
मीनः- दी, दू, दे, दो, थ, झ, अ, चा, ची
स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना अति उत्तम रहेगा। शनि और शुक्र मे षडाष्टक योग शीतविकार, ज्वर आदि वातावरण बनायेगा। पुत्र-पुत्री आदि की समस्याओं का निराकरण करने में सफल रहेंगे। पठन-पाठन से जुड़ी गतिविधियां रफ्तार पकड़ती प्रतीत होंगी। व्यवसायिक कार्यक्रमों में भी प्रगतिशील वातावरण निर्मित होगा। अदूरदर्शिता के चलते दूरगामी परिणाम प्रभावित होते प्रतीत होंगे। विरोधियो पर दबाव स्थापित रहेगा। तारीख 25, 26 प्रगति मार्ग की ओर अग्रसर होगी।
सप्ताह के प्रमुख व्रत, पर्व और त्यौहार-
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- सप्ताह के प्रमुख व्रत, पर्व और त्यौहारः-
- 1. श्री चन्द नवमी, श्री चन्द जयन्ती, नन्दा नवमी, तलनवमी (उड़ीसा बंगाल), 20 सितम्बर, रविवार ।
- 2. दशावतार दसमी व्रतम्, 21 सितम्बर, सोमवार।
- 3. पदमा एकादशी व्रतम् सर्वेषाम, कर्मा एकादशी (बिहार, झारखण्ड) डोलग्यारस (मध्य प्रदेश), 22 सितम्बर, मंगलवार।
- 4. पंचक प्रारम्भ, राष्ट्रीय अश्विन मासारम्भः, श्रावण द्वादशी, वामन द्वादशी, 23 सितम्बर, बुधवार ।
- 5. प्रदोष त्रयोदशी व्रतम्, 24 सितम्बर, गुरुवार।
- 6. अनन्त चतुर्दशी व्रतम्, 25 सितम्बर, शुक्रवार।
- 7. भद्रा दिन मे 10 बजकर 12 मिनट तक, स्नान दान और व्रत की पूर्णिमा, सन्ध्या पूजा पूर्णिमा, 26 सितम्बर, शनिवार।
Pt Anand Awasthi
पटेल नगर कालोनी बछरावां,
रायबरेली डी-79, साउथ सिटी, लखनऊ
