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धार्मिकता-अध्यात्मिकता के प्रतीक हैं सावन के सोमवार

सावन का महीना भारतीय जन मानस मे शिव पार्वती के प्रति समर्पण का माह माना जाता है। सावन के प्रत्येक सोमवार को पूर्ण श्रद्धा के साथ शिव जी का व्रत रखने का शास्त्रों मे विशेष महत्व स्वीकार किया गया है। बहुत से भक्तगण ऐसे भी हैं जो पूरे सावन माह ही भगवान शिव और पार्वती जी की अराधना मे संलग्न रहते हैं। शिवजी की पूजा, अराधना तथा व्रत भी करते हैं। शिव जी को प्रसन्न करने के लिये ही व्रत रखा जाता है ऐसा धर्म शास्त्रों मे माना गया है कि शिव उपासना से शिवजी अति शीघ्र प्रसन्न होते हैं तथा भक्त की मनोकामना भी शीघ्र ही पूरी करते हैं।
इस शिवजी के व्रत मे एक बार ही भोजन किया जाता है तथा भगवान शिव तथा माता पार्वती का ध्यान करके शिव पंचाक्षर मंत्र का जप करते हुये पूजन करना चाहिये ऐसा शास्त्र सम्मत है।
कब करें व्रत एवं पूजनः-

  1. सावन का प्रथम सोमवार 03 अगस्त 2026 को है। स्नान ध्यान कर किसी शिव मंदिर मे शिव पार्वती तथा नंदी जी के दर्शन अवश्य करें, शिव कृपा से मौसम का मिजाज भी सुहाना रहेगा।
  2. द्वितीय सोमवार 10 अगस्त 2026 को है, त्रयोदशी तिथि का क्षय है, पूर्व दिशा मे बृहस्पति जी का उदय प्रातः 07 बजकर 52 मिनट पर हो जायेगा। प्रातः 07 बजकर 52 मिनट के पश्चात् शिव पार्वती पूजन विशेष फलकारक होगा ऐसा शास्त्र सम्मत है।
  1. तीसरा सोमवार 17 अगस्त 2026 पंचमी तिथि, शुभ नक्षत्र हस्त, श्री नागपंचमी, तक्षक पूजा आदि व्रत भी सोमवार के साथ जुड़ जाते हैं यह अध्यात्कि धार्मिक माहौल निर्मित करते हैं। शिव पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त हो सकती है।
    4. चतुर्थ सोमवार, द्वादशी तिथि, 24 अगस्त 2026 प्रदोष व्रतम्, सायंकाल उमा महेश्वर का पूजन आदि के संस्कार पूर्ण होंगे। इस चतुर्थ सोमवार माता पार्वती तथा शिवजी की विशेष कृपा प्राप्त होगी।
    श्रावण मास मे क्या अवश्य करें:-
    1. कांवड़ लेकर यात्रा करने वाले भक्तजनों को फल, दूध आदि का दान अवश्य करें।
    2. किसी असहाय अथवा वृद्ध व्यक्तियों की यथा सम्भव मदद करें सेवा करें।
    3. किसी सुयोग्य पात्र को किसी न किसी रुप मे दान करना भी उत्तम होगा।
  2. शिव मंदिर मे यदि बंदर भगवान दिखाई दे तो उन्हे भी कुछ ना कुछ अवश्य खिलायें।
    5. शिव पार्वती के निमित्त जन सेवा अवश्य करें पुण्य फल प्राप्त होगा।

 

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