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भाग्यं भवति कर्मणा आपका साप्ताहिक भविष्यफल एवं व्रत पर्व और त्यौहार रविवार 30 अगस्त 2026 से शनिवार 05 सितम्बर 2026 तक

मेषः- चू, चे, चो, ला, ली, लू, लो, अ

भागमभाग जिन्दगी की रफ्तार को रोक पाना चुनौती पूर्ण कार्य साबित होगा। अनायास धन लाभ सम्बन्धी कार्य योजनायें रफ्तार पकड़ती प्रतीत होंग। ग्रहस्थ आश्रम मे आ रही कठिनाइयां धीरे-धीरे प्रगति पथ की ओर अग्रसर होंगी। समय-समय पर स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना उत्तम होगा। संतान पक्ष की ओर से सुखद समाचार प्राप्त होगा। पठन-पाठन कार्यों मे उन्नति होगी। तारीख 01, 02 शुभ है।

वृषः- ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

वाणी मे कठोरता की समाविष्टि के चलते पारिवारिक सदस्यों से वैचारिक मतभेद की स्थिति का सामना करना पड़ेगा। सौन्दर्य प्रसाधन की खरीद-फरोख्त अति व्यय भार की स्थितियां निर्मित होंगी। स्थायी धन लाभ सम्बन्धी काम काजों मे सरलता के साथ प्रगति का वातावरण बनेगा। राजनैतिक कूटनैतिक मित्रों सहयोगियों आदि से बड़ता जन सम्पर्क लाभकारक सिद्ध होगा। सप्ताह की शुरुवात मे रोजी-रोटी की दिशा मे किये जा रहे प्रयास सार्थक पथ की ओर अग्रसर रहेंगे। तारीख 30, 31 बेहतरी का अहसास करायेंगी।

मिथुनः- का, की, कू, के, को, हो, घ, ङ, छ

शासन-प्रसासन से जुड़े हुये क्रिया-कलाप लाभदायक स्थिति की ओर अग्रसर रहेंगे। रक्त विकार, रक्तचाप की परिस्थितियां निर्मित होती प्रतीत होंगी। जीविको पार्जन से जुड़ी हुयी गतिविधियां सरलता के साथ सम्पन्न होंगी। जोखिम पूर्ण कार्य करने की जिज्ञासा मन से बाहर आ सकती है। अनायास ही निर्णय लेने की प्रवृत्तियां भी आप पर हावी रहेंगी। मानसिक रुप से आडम्बर विहीन धार्मिक आस्था के पक्षधर होंगे। अधिकाधिक व्यस्तता प्रतीत होगी। तारीख 31, 01 उन्नति कारक है।

कर्क:- ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

सच और झूठ की कसौटी पर सत्य पक्ष के ही मानसिक रुप से पक्षधर होंगे। ईश्वर अराधना का मार्ग रुचिकर प्रतीत होगा। पारिवारिक निर्णय लेते समय सौम्य भाषा का प्रयोग हितकर रहेगा। युवा महिला मित्र मण्डली का सहयोग कई महत्वपूर्ण मामलो मे लाभदायक सिद्ध होगी। शिक्षा प्रतियोगिता क दिशा मे किये जा रहे प्रयास सार्थक मार्ग की ओर अग्रसर रहेंगे। किसी न किसी रुप मे आप मानसिक असंतोष के शिकार बने रहेंगे। तारीख 01, 02 सुखद पूर्ण अहसास कराने वाली होगी।

सिंहः- मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

जीविका सम्बन्धी मामलो मे आपेक्षित सफलता प्राप्त होगी। सार्थकता पूर्ण कार्यों मे व्यय लगातार बड़ता प्रतीत होगा। ग्रहस्थ जीवन मे तीखी-मीठी नोंक-झोंक का वातावरण निर्मित होता रहेगा। प्राविधिक शिक्षा की दिशा मे आपके प्रयासों से प्रगति सूत्र स्थापित होंगे। साहसिक कार्यों की ओर रुझान बड़ता दिखाई देगा। अनचाही यात्रा एवं अनचाहे खर्च की रुपरेखा निर्धारित रहेगी। यात्रा के दौरान यातायात के नियमों का कड़ाई से पालन आवश्यक है। तारीख 04, 05 उन्नति कारक है।

कन्याः- टो, पा, पी, पू, पे, पो, ष, ण, ठ

सप्ताह की शुरुवात मे व्यवसायिक कार्य योजनायें आगे बड़ती प्रतीत होंगी। सामाजिक हितों से जुड़े कामकाज सामाजिक सुख्याति का वातावरण निर्मित करेंगे। किसी धार्मिक स्थल की यात्रा सुखद पूर्ण अहसास कराने वाली होगी। जीवन साथी का सहयोग और सानिध्य प्राप्त रहेगा। रोजी-रोटी की दिशा मे किये जा रहे प्रयास सार्थक मार्ग की ओर अग्रसर रहेंगे। राज्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बेहतरीन तालमेल स्थापित रहेंगे। तारीख 30 31 उत्तम सचक है।

तुलाः- रा, री, रु, रे, रो, ता, ती, तू, ते

भोग-विलास तथा विलासित सम्बन्धी खरीद फरोख्त पर अतिरिक्त व्यय भार बड़ेगा। राजनैतिक जन सम्पर्कों से अधिकाधिक लाभ उठाने मे सफलता प्राप्त होगी। विरोधियों पर आपकी शमनात्मक कार्यवाही कारगर सिद्ध होगी। आपकी धार्मिक आस्था धार्मिक अनास्था में परिवर्तित होती प्रतीत होगी। जीवन संगिनी के साथ मधुरतम पलों का बेहतरीन सदुपयोग करने मे सफल सिद्ध होंगे। खान-पान व्यवस्था मे आवश्यक सुधार का वातावरण बनेगा। तारीख 01, 02 शुभकारक सिद्ध होगी।

मकरः- भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

जीवन साथी की सहयोगी भावना के चलते ग्रहस्थी की गाड़ी पटरी पर रहेगी। शत्रुओं पर आपकी दमनकारी नीतियां बेहतर परिणाम देती प्रतीत होंगी। साफ-सुथरी सादगीपूर्ण भोजन का प्रयोग आपके परिवार के लिये हितकर है। अनायास ही किसी पुराने मित्र से मुलाकात का हर्ष रहेगा। देवी जी की उपासना की ओर मानसिक रुप से अग्रसर होंगे। योजनाबद्ध तरीके से व्यवसायिक कार्य योजनाओं को आगे बड़ायें लाभ प्राप्त होगा। आय और व्यय मे सन्तुलन बना रहेगा। तारीख 30, 31 उत्तमता का अहसास करायेगी।

वृश्चिकः- तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

अष्टम स्थान मे मंगल जी शारीरिक कष्ट का अहसास करायेंगे। मौसम के बदलते मिजाज मिजाज के चलते संतान पक्ष भी शीत विकार, ज्वर आदि के शिकार बन सकते हैं।
हनुमान जी की उपासना ही सही मार्ग दिखाने वाली प्रतीत होगी। शासन प्रसासन मे अनसुलझे काम काज सरलता के साथ सम्पन्न होंगे। किसी धार्मिक सामाजिक आयोजन मे आपकी भागीदारी सामाजिक ख्याति का वातावरण बनायेगी। आर्थिक लाभ से जुड़े मामलो मे प्रगति सूत्र स्थापित होंगे। तारीख 03, 04 प्रगति सूचक सिद्ध होगी।

धनुः– ये, यो, भा, भी, भू, भे, ध, फ, ढ़

भागम भाग जिन्दगी की रफ्तार को रोक पाना चुनौती पूर्ण कार्य प्रतीत होगा। ग्रहस्थ आश्रम मे तीखी मीठी नोंक-झोंक के लिये सप्ताह भर मानसिक रुप से तैयार रहना बेहतर रहेगा। साझेदारी से जुड़े हुये किसी भी व्यवसाय मे अतिरिक्त पूंजी निवेश घातक कदम सिद्ध होगा। भगवान भक्ति का मार्ग कई महत्वपूर्ण मामलो मे राहत कारक होगा। रोजी-रोटी की दिशा मे किये जा रहे प्रयास सार्थक दिशा की ओर अग्रसर रहेंगे। राजनैतिक मित्रों, साथियों से अचानक आश्चर्य जनक रुप से सहयोग मिलेगा। तारीख 04, 05 बेहतर सिद्ध होगी।

कुम्भः- गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, द

वाणी मे चिड़चिड़ेपन की समाविष्टि के चलते पारिवारिक सदस्यों से वैचारिक मतभेद की स्थिति बनती प्रतीत होगी। अनायास निर्णय लेने की प्रवृत्तियां भी आपको कठिनाइयों के डाल सकती हैं। जीवन संगिनी के साथ मधुरतम पलों का बेहतरीन लाभ प्राप्त करने मे सफल होंगे। विरोधियों के साथ भी विरोध खत्म करने की मानसिकता मन से बाहर आयेगी। मौसम परिवर्तन के चलते संतान पक्ष के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना आवश्यक रहेगा। राजकीय मामलो मे लाभ रहेगा। तारीख 01, 02 प्रगति सूचक है।

मीनः- दी, दू, दे, दो, थ, झ, अ, चा, ची

संतान पक्ष की ओर से कोई सुखद समाचार प्राप्त होगा। सामाजिक कार्यों मे आपकी लगातार भागीदारी सुनिश्चित होगी। दौड़ धूप और व्यस्तता के एकत्रित प्रकरण मानसिक तनाव बड़ायेंगे। अनायास ही अनचाहे व्यय भार की स्थितियों का सामना करना पड़ेगा। निम्न स्तर की सोसायटी से अपने आपको बचाये रखना हितकारक रहेगा। पेट सम्बन्धी रोग भी शारीरिक कष्टों के सूचक होंगे। आलसी प्रवृत्तियों के लगातार शिकार बन सकते हैं। तारीख 30, 31 बेहतरी के मार्ग की ओर अग्रसर होगी।

सप्ताह के प्रमुख व्रत, पर्व और त्यौहारः-

  1. भद्रा रात्रि मे 08 बजकर 50 मिनट से प्रारम्भ, भीमचण्डी विन्ध्यांचली जयन्ती, कजली तीज हेतु रात्रि जागरण, सर्वार्थ सिद्धि योग रात्रिशेष 04 बजकर 31 मिनट तक, रविवार, 30 अगस्त ।
  2. पंचक समाप्त, भद्रा दिन मे 08 बजकर 28 मिनट तक, संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रतम्, बहुला चतुर्थी, कजली तीज, 31 अगस्त, सोमवार।
  3. रक्षापंचमी (उड़ीसा), भ्रात पंचमी, 01 सितम्बर, मंगलवार।
  4. चन्द्र षष्ठी व्रतम्, ललही छठ, हल षष्ठी, बुधवार, 02 सितम्बर।
  5. शीतला सप्तमी, बहस्पतिवार, 03 सितम्बर।
  6. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रतम्, कृष्णावतार अष्टमी, चन्द्रोदय रात्रि मे 11 बजकर 09 मिनट पर, 04 सितम्बर, शुक्रवार।
  7. गंगा नवमी व्रतम्, यमघंट योग रात्रि मे 11 बजकर 12 मिनट तक, शनिवार, 05 सितम्बर ।

Pt Anand Awasthi

पटेल नगर कालोनी बछरावां,
रायबरेली डी-79, साउथ सिटी, लखनऊ

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