मेषः- चू, चे, चो, ला, ली, लू, लो, अ
दृष्टजन संगति मानसिक विकलता का वातावरण निर्मित करेगी। व्यय भार का अतिरिक्त श्रोतों का निर्धारण होगा। सप्ताह भर जीवन साथी के सहयोग के चलते व्यापारिक कार्यों मे प्रगति सूत्र स्थापित होंगे। अनायास किसी नवीन प्राचीन मित्र से मुलाकात का हर्ष रहेगा। जोखिमपूर्ण निर्णय लेने की मानसिकता मन से बाहर आ सकती है। सौन्दर्य प्रसाधन की खरीद बड़ेगी। तारीख 6, 7 उत्तम है।
वृषः- ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो
वाणी मे चिड़चिड़ेपन की समाविष्टि के चलते कुटुम्ब के सदस्यों से वैचारिक मतभेद की स्थति आयेगी। उच्चतम के साथ धार्मिक अध्यात्मिक शिक्षा के क्षेत्र मे प्रगति पथ निर्धारित होंगे। ग्रहस्थ जीवन भी सामान्य प्रक्रिया की तरह चलता फिरता प्रतीत होगा। विपक्षियों के साथ भी मैत्रीपूर्ण सम्बन्ध स्थापित करने का वातावरण बनेगा। प्रापर्टी डीलिंग तथा निर्माण से जुड़े ममलों मे लाभप्रद स्थिति आयेगी। संतान पक्ष के उत्तरदायित्वों के प्रति समर्पण के साथ जागरुक रहेंगे। तारीख 08, 09 प्रगति सूचक है।
मिथुनः- का, की, कू, के, को, हो, घ, ङ, छ
खान-पान मे मिष्ठान के साथ-साथ तरल पदार्थों का अधिकाधिक सेवन बड़ेगा। किसी सामाजिक, धार्मिक कार्यों मे आपकी भागीदारी पारिवारिक सदस्यों को सकारात्मक सोच की ओर अग्रसर करेगी। साहसिक निर्णय लेने की मानसिकता मन से बाहर आयेगी। धन लाभ के भी सुअसवसर प्राप्त होते प्रतीत होंगे। जीवन संगिनी के साथ सौम्य भाषा का प्रयोग पारिवारिक जीवन मे बेहतर होगा। राजकीय कार्यों मे धीरे-धीरे ही लाभ की ओर अग्रसर होंगे। अनायास निर्णय लेना ही उचित होगा। तारीख 06, 07 शुभ कारक है।
कर्क:- ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो
ऐसे कार्यों से अपने आप को बचाये रखना हितकर होगा जो मानसिक असंतोष के सूचक हो। दूसरो की शिकायत करने की प्रवृत्तियां तनाव का वातावरण बनायेंगी। लाभ और खर्च के मध्य का अन्तर बड़ता प्रतीत होगा। पुत्र-पुत्री आदि की जरुरतों सम्बन्धी योजनायें सफलता पथ की ओर अग्रसर होंगी। यात्रा के दौरान यातायात के नियमों का पालन कड़ाई से करना आवश्यक कदम सिद्ध होगा। बोल चाल की भाषा मे कठोरता शब्दों के प्रयोग से अपने आप को बचायें। तारीख 08, 09 बेहतरी की ओर अग्रसर रहेगी।
सिंहः- मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे
राज्य प्रसासन से जुड़े कामकाज सरलता के साथ सम्पन्न होंगे। रोजी-रोटी की दिशा मे किये जा रहे प्रयोग सफलता पथ की ओर अग्रसर रहेंगे। किसी गीत, संगीत, नृत्य आदि से जुड़े समारोह मे आपकी उपस्थिति सामाजिक सुख्याति का वातावरण बनायेगी। किसी नवीन व्यापार मे अतिरिक्त पूंजी निवेश घातक कदम सिद्ध होगा। मित्रों, सहयोगियों आदि से सहयोग प्राप्त करने में सफल सिद्ध होंगे। तारीख 06, 07 शुभकारक प्रतीत होगी।
कन्याः- टो, पा, पी, पू, पे, पो, ष, ण, ठ
जीविकोपार्जन से जुड़ी हुयी कार्य योजनायें धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ती प्रतीत होगी। पारिवारिक सदस्यों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित रहेगा। दूरस्थ यात्रा प्रकरण एकत्रित होने के आसार प्रतीत होंगे। बौद्धिक वर्ग के साथ आपका मेल मिलाप भी बड़ेगा। उदर विकार, पेट सम्बन्धी रोग शारीरिक एवं मानसिक कष्ट का वातावरण बनायेंगे। जीवन साथी के साथ तीखी-मीठभ नोंक-झोंक का वातावरण सप्ताह भर बना रहेगा। गुप्त रोगों से सावधानी आपेक्षित है। तारीख 11, 12 शुभप्रद सिद्ध होगी।
तुलाः- रा, री, रु, रे, रो, ता, ती, तू, ते
शुभ सूचक क्रिया-कलाप अतिरिक्त व्यय भार की रुपरेखा निर्धारित कर सकते हैं। भोजन व्यवस्था का विस्तार करने में सफल सिद्ध होंगे। राज्य प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति आपका मानसिक असंतोष मनः स्थिति को प्रभावित करेगा। ईश्वर अराधना के प्रति आपका आडम्बर विहीन धार्मिकता की सोच रहेगी। भूमि मकान वाहन आदि से जुड़े कामकाज सरलता के साथ सम्पन्न होंगे। प्राविधिक शिक्षा प्रतियोगिता आदि मे आपकी संलग्नता सामाजिक सुख्याति की सूचक सिद्ध होगी। तारीख 08, 09 प्रगतिकारक है।
वृश्चिकः- तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू
विलासितापूर्ण सामग्री की खरीद-फरोख्त अतिरिक्त व्यय की स्थितियां निर्मित होंगी। यात्रा के दौरान यातायात के नियमों को पालन करना आपके लिये अति आवश्यक है। टेक्नीकल शिक्षा प्रतियोगिता की दिशा मे किये जा रे प्रयासों से लाभान्वित रहेंगे। जीवन साथी की बोलचाल की भाषा मे चिड़चिड़ेपन की समाविष्टि के चलते ग्रहस्थ जीवन मे कठिनाइयां आयेंगी। युवा मित्र मण्डली से आपेक्षित सहयोग मिलता प्रतीत होगा। तारीख 10, 11 बेहतरी की ओर अग्रसर रहेगी।
धनुः– ये, यो, भा, भी, भू, भे, ध, फ, ढ़
सप्ताह की शुरुवात मे ग्रहस्थ जीवन के अनुभव सुखदपूर्ण प्रतीत होंगे। आप द्वारा तरल पदार्थों का अधिकाधिक सेवन बड़ेगा। किसी गीत, संगीत, नृत्य आदि से जुड़े समारोह मे आपकी भागीदारी सुनिश्चित होगी। महिला मित्र मण्डली के सहयोग के चलते कई बिगड़ते कार्यों को दिशा मिलेगी। चतुर्थ स्थान मे शनि जी प्रापर्टी विवाद तथा भारी भाग-दौड़ का वातावरण निर्मित करेंगे। रोजी रोटी की दिशा मे किये जा रहे प्रयास सकारात्मक दिशा की ओर अग्रसर रहेंगे। धन लाभ की परिस्थितियां निर्मित होंगी। तारीख 06, 07 उत्तम सूचक हैं।
मकरः- भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी
विपक्षी भी आपके साथ मैत्रीपूर्ण सम्बन्ध स्थापित करने के लिये विवश रहेंगे। पेट सम्बन्धी रोग, पीठ दर्द आदि से शारीरिक कष्टों की अनुभूति होगी। शासन-प्रसासन से जुड़े मामलो मे प्रगति सूत्र स्थापित होंगे। व्यवसयिक कार्य योजनाओं को नवीन दिशा देने के प्रयासों को बल मिलेगा। जमीन की खरीद-फरोख्त सम्बन्धी कामकाज सरलता के साथ सम्पन्न होंगे। तारीख 07, 08 शुभ कारक सिद्ध होगी।
कुम्भः- गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, द
मौसम के बदलते मिजाज के चलते संतान पक्ष शीत विकार, ज्वर आदि के शिकार बन सकते हैं। पठन-पाठन कार्यों मे कठिनाइयों के साथ सफलता प्राप्त होगी। ग्रहस्थ जीवन मे लगातार गतिरोधों का आगमन बना रहेगा। देवी जी की उपासना, अराधना आदि के क्षेत्र मे सकारात्मक सोच बनेगी। शत्रुओं की सक्रियता भी मानसिक तनाव की रुपरेखा निर्धारित करेगी। जीविका सम्बन्धी मामलो मे आंशिक कठिनाइयों के साथ प्रगतिशील सुअवसर आयेंगे। तारीख 09, 10 प्रगतिशील वातावरण बनायेंगी।
मीनः- दी, दू, दे, दो, थ, झ, अ, चा, ची
आलस्य छोड़कर कर्मक्षेत्र में डटे रहें तो कई बिगड़ते कार्य भी बनते प्रतीत होंगे। शिक्षा प्रतियोगिता की दिशा मे किये जा रे प्रयास सकारात्मक दिशा की ओर अग्रसर होंगे। संतान पक्ष की जरुरी जरुरतों का संवेदनशीलता के साथ उपचार होगा। शत्रुओं पर आपकी शमनात्मक कार्यवाही कारगर कदम सिद्ध होगी। जीवन संगिनी के साथ मधुरतम पलों का बेहतरीन सदुपयोग होता रहेगा। व्यस्तता के अधिकाधिक प्रसंग एकत्रित होते प्रतीत होंगे। तारीख 11, 12 शुभकारक मार्ग की ओर अग्रसर रहेगी।
सप्ताह के प्रमुख व्रत, पर्व और त्यौहारः-
1. भद्रा प्रातः 07 बजकर 33 मिनट से प्रारम्भ होकर रात्रि में 06 बजकर 11 मिनट तक, रविवार, 06 सितम्बर।
2. जया एकादशी व्रतम् सर्वेषाम्, पयुषण पर्व आरम्भ (जैन) 07 सितम्बर, सोमवार।
3. भौम प्रदोष द्वादशी व्रतम्, गोवत्स द्वादशी (बछवारस) अघोर द्वादशी, 8 सितम्बर, मंगलवार।
4. भद्रा दिन मे 11 बजकर 41 मिनट से प्रारम्भ होकर रात्रि मे 10 बजकर 50 मिनट तक, मास शिवरात्रि व्रतम् 09 सितम्बर, बुधवार।
5. श्रद्धादौ अमावस्या, अघोर चतुर्दशी, कुशोत्या पाटनी अमावस्या, अघोराचार्य अवतरण दिवस, 10 सितम्बर, गुरुवार।
6. स्नान दान की अमावस्या, पिठौरी अमावस्या, 11 सितम्बर, शुक्रवार ।
Pt Anand Awasthi
पटेल नगर कालोनी बछरावां,
रायबरेली डी-79, साउथ सिटी, लखनऊ
