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भाग्यं भवति कर्मणा आपका साप्ताहिक भविष्यफल एवं व्रत पर्व और त्यौहार रविवार 27 सितम्बर 2026 से शनिवार 03 अक्टूबर 2026 तक

मेषः- चू, चे, चो, ला, ली, लू, लो, अ

जीवन साथी के साथ मधुरतम समय को बेहतरीन सदुपयोग करने में सफल सिद्ध होंगे। सप्ताह की शुरुवात मे व्यवसायिक कार्य योजनायें गतिशील रहेंगी। व्यय भार के उत्पन्न हो रहे अतिरिक्त प्रकरण मनः स्थिति को प्रभावित करेंगे। विपक्षियों पर दबाव स्थापित करने मे सफलता प्राप्त होगी। भागमभाग जिन्दगी की परिस्थितियां निर्मित रहेंगी। कठिनाइयों के साथ आर्थिक सन्तुलन बना रहेगा। तारीख 29, 30 उत्तम है।

वृषः- ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

मित्रों-सहयोगियों आदि से आपेक्षित सहयोग प्राप्त करने मे सफल सिद्ध होंगे। धन लाभ से जुड़े हुये काम काज प्रगति पथ की ओर अग्रसर रहेंगे। सप्ताह की शुरुवात आर्थिक कार्यों के लिये बेहतर है। विरोधियों के साथ भी मैत्रीपूर्ण सम्बन्ध स्थापित करने की जिज्ञासा मन से बाहर आयेगी। आपकी कार्यशैली मे जोखिम पूर्ण निर्णय लेने की प्रवृत्तियां स्पष्ट प्रतीत होंगी। रोजी-रोटी की दिशा मे किये जा रहे प्रयास प्रगति मार्ग की ओर अग्रसर होंगे। मौसम के बदलते मिजाज का असर संतान पक्ष को प्रभावित करेगा। तारीख 27, 28 बेहतरी का आभार करायेगी।

मिथुनः- का, की, कू, के, को, हो, घ, ङ, छ

जीविका सम्बन्धी मामलो मे आंशिक कठिनाइयों के साथ सफलता प्राप्त होगी। वाणी मे कठोरता की समाविष्टि के चलते परिवारिक सदस्यों से वैचारिक मतभेद का सामना करना पड़ेगा। पठन-पाठन कार्यों मे आपेक्षित सफलता प्राप्त होगी। मनोरंजक संसाधन जुटाने के प्रयासों को बल मिलेगा। संतान पक्ष की ओर से सुखद समाचार प्राप्त होने के पूर्ण आसार हैं। बिना सोचे-समझे अनायास निर्णय लेने की प्रवृत्तियां मनः स्थिति को प्रभावित करेंगी। तारीख 28, 29 सफलता मार्ग की ओर अग्रसर रहेंगी।

कर्क:- ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

दूसरों की शिकायत करने की प्रवृत्तियां मानसिक परेशानी का सबब बन सकती है। लगातार चोट-चपेट भय की संभावनाओं से इन्कार नही किया जा सकता है। शासन-प्रसासन सम्बन्धी कामकाज सरलता के साथ सम्पन्न होंगे। अति आवश्यक यात्रा प्रकरण सफलता के साथ आगे बड़ते प्रतीत होंगे। मित्रो, सहयोगियों आदि से तालमेल सुधारने की जिज्ञासा मन से बाहर आयेगी। आपकी धार्मिक आस्तिमकता पर प्रश्न वाचक चिन्ह लगा रहेगा। ग्रहस्थ जीवन की बदलती परिस्थितियां गृहिणी के सहयोग से ठीक-ठाक होती प्रतीत होंगी। तारीख 29, 30 उत्तम सूचक है।

सिंहः- मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

शनि और केतु मे बनता षडाष्टक योग वाहन दुर्घटना का सूचक है। भाषा-शैली पर नियन्त्रण रखकर परिवारिक सदस्यों से तालमेल बेहतर कर सकते हैं। खर्च और लाभ के मध्य गहराता अंतर मानसिक तनाव को सूचक सिद्ध होगा। महिला मित्र मण्डली की सहयोगी भावना के चलते कई महत्वपूर्ण विषयों पर सफलता प्राप्त होगी। घर ग्रहस्थी की गाड़ी सामान्य प्रक्रिया की तरह चलती-फिरती रहेगी। किसी नवीन व्यापार मे पूंजी निवेश ना करें। तारीख 30, 01 शुभ कारक सिद्ध होगी।

कन्याः- टो, पा, पी, पू, पे, पो, ष, ण, ठ

खान-पान व्यवस्था को विस्तार रुप देने में सफल सिद्ध होंगे। ग्रहस्थ जीवन मे तीखी-मीठी नोंक-झोंक का दौर जारी रहेगा। तीखे, खट्टे, मीठे पदार्थों का अधिकाधिक सेवन बड़ेगा। खर्च और लाभ के मध्य का सन्तुलन सामाजिक सुख्याति का वातावरण बनायेगी। राजनैतिक, कूटनैतिक व्यक्तियों के साथ आपके जन सम्पर्क लाभ मार्ग की ओर अग्रसर करेंगे। स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें। तारीख 27, 28 प्रगति सूचक है।

तुलाः- रा, री, रु, रे, रो, ता, ती, तू, ते

रोजी, रोजगार आदि की दिशा मे आप द्वारा किये जा रहे प्रयास सकारात्मक परिणाम दायक सिद्ध होंगे। भूमि, मकान, वाहन से जुड़े कामकाजों मे आपेक्षित सफलता प्राप्त होगी। भागमभाग जिन्दगी की रफ्तार को रोक पाना चुनौतीपूर्ण कार्य साबित होगा। ईश्वर अराधना का क्षेत्र बेहद रुचिकर प्रतीत होगा। जीवन साथी के साथ ग्रहस्थ जीवन का बेहतरीन सदुपयोग होगा। राज्याधिकारियों के विशेष कृपा पात्र बने रहेंगे। तारीख 28, 29 बेहतरी की ओर अग्रसर होगी।

वृश्चिकः- तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

सामाजिक, धार्मिक क्रिया-कलापों मे आपकी भागीदारी प्रसंसा पथ की ओर अग्रसर होगी। मौसम के बदलते मिजाज के चलते संतान पक्ष शीत विकार, ज्वर आदि के शिकार हो सकते हैं। पठन-पाठन कार्यों मे आंशिक सफलता प्राप्त होगी। सार्थकतापूर्ण कामकाज अतिरिक्त व्यय भार का वातावरण निर्मित करेंगे। सौन्दर्य प्रसाधन सामग्री की खरीद-फरोख्त भी होगी। दौड़-धूप तथा व्यस्तता के अनेक अवसर भी आयेंगे। तारीख 29, 30 सुखद परिणाम सूचक होगी।

धनुः– ये, यो, भा, भी, भू, भे, ध, फ, ढ़

किसी गीत, संगीत, समारोह मे आपकी भागीदारी सुनिश्चित होगी। रोजी-रोटी की दिशा मे किये जा रहे प्रयास सार्थक दिशा की ओर अग्रसर होंगे। माता-पिता, अभिभावक का स्वास्थ्य मनः स्थिति को प्रभावित करेगा। आपकी निर्णय क्षमता निश्चय और अनिश्चय के मध्य स्वयं को प्रतीत होगी। राज्य प्रसासनिक अधिकारियों का सहयोग और सानिध्य कई बिगड़ते कार्यों के लिये वरदान सिद्ध होगा। वृद्ध व्यक्तियों, मित्रों आदि से भरपूर सहयोग प्राप्त होगा। तारीख 30, 01 प्रगति सचूक प्रतीत होगी।

मकरः- भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

वाणी मे चिड़चिड़ेपन की समाविष्टि के चलते कुटुम्ब मे रोष का वातावरण बनेगा। महिला मित्र मण्डली की सहयोगी भावन के कारण कई बिगड़ते काम बनेंगे। अनायास ही किसी पुराने चिर परिचित मित्र से मुलाकात का हर्ष रहेगा। ग्रहस्थ जीवन मे तीखी-मीठी नोंक-झोंक का दौर जारी रहेगा। खान-पान व्यवस्था मे भी सादगी पूर्ण भोजन के साथ-साथ मिष्ठान का प्रयोग बड़ेगा। निजी जीवन मे संयमित वाणी का प्रयोग हितकर रहेगा। तारीख 27, 28 बेहतरी का अहसास करायेगी।

कुम्भः- गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, द

वाणी मे चिड़चिड़ेपन की समाविष्टि के चलते कुटुम्ब के सदस्यों से वैचारिक मतभेद की स्थितियां निर्मित होंगी। व्यय के अधिकाधिक प्रकरण एकत्रित होंगे। अनचाही यात्राओं का दौर जारी रहेगा। विपक्षियों पर आपकी शमनात्मक कार्यवाही कारगर कदम सिद्ध होगी। अनायास ही ग्रहस्थ जीवन मे कठिनाइयां भी प्रतीत होंगी। अभी किसी भी नये व्यापार मे अतिरिक्त पूंजी निवेश घातक कदम सिद्ध होगा। ईश्वर अराधना रुचिकर प्रतीत होगी। तारीख 29, 30 उत्तम सूचक है।

मीनः- दी, दू, दे, दो, थ, झ, अ, चा, ची

शीत विकार, ज्वर, गैस आदि से सावधानी बरतना अति आवश्यक है। व्यय भार भी अधिकतमक सीमा रेखा पार करेगा। शिक्षा के क्षेत्र मे प्रगतिशील स्थितियों का निर्माण होगा। लाटरी, शेयर, सट्टा आदि मे पूंजी निवेश घातक कमद प्रतीत होगा। संतान पक्ष किसी ना किसी रुप से लाभान्वित होते प्रतीत हो सकते हैं। घर-ग्रहस्थी की गाड़ी धीमी गति सामान्य प्रक्रिया की तरह चलेगी। निम्न स्तर की संगति भी मानसिक परेशानी का वातावरण बनायेगी। तारीख 27, 28 बेहतर परिणाम की प्रतीक होंगी।

सप्ताह के प्रमुख व्रत, पर्व और त्यौहार-

  1. पितृ पक्ष का आरम्भ, प्रतिपदा श्राद्ध, महालयरम्भः, क्षमावाणी जैन, रविवार, 27 सितम्बर।
  2.  पंचक समाप्त, द्वितीया श्राद्धम, अशून्य शयन व्रतम्, सोमवार, 28 सितम्बर।
  3. अंगारकी श्री गणेश चतुर्थी व्रतम्, तृतीया श्राद्धम, भरणी श्राद्धम, 29 सितम्बर, मंगलवार।
  4. चतुर्थी श्राद्धम, सर्वार्थ सिद्धि योग दिन मे 10 बजकर 12 मिनट तक, बुधवार, 30 सितम्बर।
  5. पंचमी श्राद्धम, चन्द्र षष्ठी व्रतम्, चन्द्रोदय रात्रि मे 09 बजकर 04 मिनट तक, बृहस्पतिवार, 01 अक्टूबर।
  6. गाँधी-शास्त्री जयन्ती, षष्ठी श्राद्धम, सप्तमी श्राद्धम अधैव, 02 अक्टूबर, शुक्रवार।
  7.  जीवत्युत्रिका व्रतम् अष्टमी, अष्टमी श्राद्धम, गया श्राद्धम, 3 अक्टूबर, शनिवार।

Pt Anand Awasthi

पटेल नगर कालोनी बछरावां,
रायबरेली डी-79, साउथ सिटी, लखनऊ

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